उत्तराखंड के कोटद्वार से सामने आई एक घटना ने सामाजिक सौहार्द और इंसानियत की मिसाल पेश की है। जिम संचालक दीपक कुमार उर्फ़ मोहम्मद दीपक एक बार फिर अपने फैसले और सोच को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा घोषित 2 लाख रुपये के इनाम को ठुकराकर उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया।

मंत्री इरफान अंसारी ने कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े होने पर दीपक को अपने वेतन से 2 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन दीपक ने यह कहते हुए इस रकम को लेने से इनकार कर दिया कि यह राशि किसी दिव्यांग या ज़रूरतमंद व्यक्ति को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पैसे से ज्यादा ज़रूरी इंसानियत और सही के साथ खड़े होना है।

दीपक को इस इनाम की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सम्मान उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए किसी ज़रूरतमंद तक पहुंचना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सुरेंद्र सिंह नेगी और हरक सिंह रावत द्वारा मिले समर्थन के लिए आभार जताया, हालांकि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े होने से साफ इनकार किया।

दरअसल, 28 जनवरी को कोटद्वार के पटेल मार्ग पर स्थित ‘बाबा’ नाम की कपड़ों की दुकान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता दुकान के नाम पर आपत्ति जताते हुए 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद और उनके बेटे पर दबाव बना रहे थे। इसी दौरान मौके पर पहुंचे दीपक कुमार ने दुकानदार का समर्थन किया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।

बात बढ़ने पर 31 जनवरी को बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता दीपक के जिम के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, वहीं दीपक पर भी FIR दर्ज की गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने दीपक को रातों-रात चर्चा का विषय बना दिया।

इस घटना के बाद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दीपक को सच्चा नागरिक और देश का हीरो बताया। वहीं किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए कोटद्वार में पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दीपक के जिम, संवेदनशील इलाकों और यूपी सीमा से लगे कौड़िया बॉर्डर पर कड़ी निगरानी और सघन चेकिंग की जा रही है।