प्रदेश में 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को लेकर सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया है कि सामान्य परिस्थितियों में श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले सभी यात्रियों को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि, दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए नियमों का पालन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं, ताकि यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जा सके।

उन्होंने इसे प्रदेशवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि हर साल की तरह इस बार भी स्थानीय लोग तीर्थयात्रियों का स्वागत करेंगे और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखेंगे।

सरकार ने यात्रा से जुड़ी तैयारियां पिछले वर्ष से ही शुरू कर दी थीं। इस बार सड़क सुधार, आधारभूत सुविधाओं के विकास, सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल आपदा के कारण यात्रा कुछ समय के लिए बाधित रही थी, फिर भी 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस वर्ष भी यात्रियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका अंदाजा 10 लाख से अधिक पंजीकरण और 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की एडवांस बुकिंग से लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यात्रा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है।

यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया जा चुका है और समय-समय पर जरूरी सूचनाएं भी श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाएंगी, ताकि वे अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से योजना बना सकें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वह जल्द ही तैयारियों की समीक्षा करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी करेंगे।