भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उत्तराखंड में साइबर हमले की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए STF (स्पेशल टास्क फोर्स) ने अपने साइबर कमांडो को अलर्ट मोड पर भेज दिया है। एक विशेष टीम भी गठित की गई है, जो ऑनलाइन गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है।

राज्य में पहले भी सरकारी वेबसाइटों पर साइबर अटैक हो चुके हैं, जिससे सरकारी डाटा को नुकसान पहुंचा था। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार निगरानी और सुरक्षा के उपाय पहले से ज्यादा मजबूत किए गए हैं। STF प्रमुख को डीजीपी दीपम सेठ ने साइबर हमले की किसी भी संभावना को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

निगरानी के लिए हाल ही में प्रशिक्षित चार साइबर कमांडो के साथ 10 अन्य विशेषज्ञों की एक टीम तैनात की गई है, जो किसी भी डिजिटल खतरे से निपटने के लिए 24 घंटे तैयार रहेगी। संदिग्ध वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज, और झूठे कमाई वाले लिंक को चिन्हित कर बंद किया जा रहा है।

STF की साइबर एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाएं साझा करें।

किसी भी खबर, वीडियो या फोटो की सच्चाई की पुष्टि करने के बाद ही शेयर करें।

फर्जी या भ्रामक पोस्ट की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन को दें।

पोस्ट करने से पहले सोचें कि उसका समाज पर क्या असर हो सकता है।

क्या न करें:

सेना की मूवमेंट या तैनाती से जुड़ी जानकारी साझा न करें।

अफवाह या भड़काऊ जानकारी फैलाने से बचें।

किसी अज्ञात बैंक खाते में पैसे न भेजें, भले ही वह “सरकारी सहायता” का दावा करे।

किसी अनजान ईमेल या लिंक पर क्लिक न करें।

प्ले स्टोर या ऐप स्टोर के अलावा किसी और स्रोत से ऐप डाउनलोड न करें।

STF ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।