देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड सचिवालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी मंत्री उपस्थित रहे। इस दौरान राज्य हित से जुड़े कुल आठ अहम प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने दी।

  1. कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए निर्णय लिया कि जिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सेवा अवधि पाँच वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे आपसी सहमति से जिलों के भीतर स्थानांतरण का लाभ ले सकेंगे।
  2. राजस्व विभाग में भूमि अर्जन प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से आपसी समझौते के आधार पर नई व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई है। इससे विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अर्जन में तेजी आएगी।
  3. जनजाति कल्याण विभाग में पदों के सृजन को हरी झंडी दी गई है, साथ ही पूर्व की नियमावली में आवश्यक संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की गई।
  4. भू-जल के अत्यधिक दोहन को नियंत्रित करने के लिए नई नियमावली बनाई गई है। इसके तहत व्यवसायिक उपयोग के लिए दरें तय की गई हैं और रजिस्ट्रेशन शुल्क 5 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
  5. कैबिनेट ने जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय को आवश्यक अनुमति प्रदान की, जिससे विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों का विस्तार कर सकेगा।
  6. चिन्यालीसौड़ और गोचर हवाई पट्टी को रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि इनका उपयोग सामरिक और रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जा सके।
  7. उधम सिंह नगर स्थित पराग फर्म की भूमि, जो पहले सिडकुल को दी गई थी, अब सिडकुल द्वारा सब-लीज पर दी जा सकेगी, जिससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  8. इसके साथ ही राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी दी गई है। सब्सिडी निर्धारण के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।

कैबिनेट के ये फैसले राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।