Dehradun के तिब्बती मार्केट के बाहर बुधवार को दिनदहाड़े हुई कारोबारी अर्जुन शर्मा की हत्या का पुलिस ने 36 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात प्रॉपर्टी विवाद का नतीजा थी, जिसमें मृतक की मां बीना शर्मा पर ही बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

प्रॉपर्टी डील बनी विवाद की जड़

एसएसपी Ajay Singh ने बताया कि जीएमएस रोड स्थित संपत्ति को लेकर डॉ. अजय खन्ना और बीना शर्मा के बीच 14 करोड़ रुपये में सौदा हुआ था। इसमें से आठ करोड़ रुपये अग्रिम रूप से दे दिए गए थे।

बताया गया कि अर्जुन शर्मा इस सौदे से नाराज था और संपत्ति में अपना आधा हिस्सा चाहता था। विवाद बढ़ने पर उसने न्यायालय से संपत्ति पर स्टे भी ले लिया। इससे डील अटक गई और रकम देने के बावजूद डॉ. खन्ना को कब्जा नहीं मिल सका।

साजिश और सुपारी

पुलिस जांच में सामने आया कि संपत्ति विवाद और आर्थिक दबाव के चलते बीना शर्मा, डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने मिलकर अर्जुन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

आरोप है कि विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज और उसके भाई राजीव को 12 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई। तीन लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, शेष रकम काम पूरा होने के बाद मिलनी थी।

सरेआम गोली मारकर हत्या

जांच के अनुसार, राजीव ने तिब्बती मार्केट के बाहर अर्जुन शर्मा को सीने से सटाकर देसी तमंचे से गोली मार दी। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपी मूल रूप से ग्राम देवीखाल, पोस्ट गुमखाल, कोटद्वार (जिला पौड़ी गढ़वाल) के निवासी हैं और वर्तमान में चुक्खूवाला की इंदिरा कॉलोनी में रह रहे थे।

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अब तक बीना शर्मा, डॉ. अजय खन्ना, विनोद उनियाल, राजीव और पंकज को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।