उत्तराखंड में लंबे समय से जारी चर्चाओं के बीच आज धामी सरकार का कैबिनेट विस्तार होने की संभावना तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसमें करीब 5 नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा।

पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2022 में बनी सरकार के बाद यह पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार होगा। पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट लगातार इसके संकेत दे रहे थे। हाल ही में संगठन की ओर से केंद्रीय नेतृत्व से खाली पद भरने की मांग भी की गई थी, जिस पर अब मुहर लगने की संभावना है।

कैबिनेट विस्तार में विधायकों के प्रदर्शन, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखा जा रहा है। साथ ही कुछ वरिष्ठ नेताओं को राज्य मंत्री स्तर के ‘दायित्वधारी’ पद भी दिए जा सकते हैं।

संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार 70 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल मंत्रिमंडल में केवल 7 सदस्य ही हैं। चंदन रामदास के निधन और प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद 5 पद खाली चल रहे हैं।

राजनीतिक हलकों में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें खजानदास, सरिता आर्य, प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी और दीवान सिंह बिष्ट के नाम प्रमुख हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह विस्तार काफी अहम होगा। इसके जरिए पार्टी क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ संगठन में संतुष्टि बनाए रखने की कोशिश करेगी।