उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी ने अप्रैल में भी फरवरी जैसी ठंड का अहसास करा दिया है। राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में रातभर से बारिश जारी है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में दिनभर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण देहरादून का तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री तक गिर गया है, जबकि नई टिहरी में यह गिरावट 8 डिग्री तक दर्ज की गई है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हालात और भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे यात्रा मार्गों को खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, वहीं संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी और पोकलैंड मशीनों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

चारधाम यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन मौसम ने तैयारियों की रफ्तार धीमी कर दी है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में कई फुट तक बर्फ जमी हुई है। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण टेंट लगाने, रास्तों की मरम्मत और अन्य निर्माण कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।

बदरीनाथ धाम के पैदल मार्ग अभी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाए हैं, जिससे होटल संचालकों और प्रशासन को तैयारियों में परेशानी हो रही है। वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री में भी घाट निर्माण, बिजली लाइन और पुल निर्माण के कार्य प्रभावित हुए हैं।

केदारनाथ धाम में बर्फ हटाने का कार्य सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। भारी बर्फबारी के कारण पेयजल लाइनें, बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मजदूरों को भी काम करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने तेज हवाओं और बिजली चमकने के दौरान लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।