उत्तराखंड शासन ने पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए 13 आईपीएस और 5 पीपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र एवं दायित्वों में परिवर्तन किया है। इस फेरबदल के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों के कार्यभार में कटौती भी की गई है।
सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में आईपीएस निवेदिता कुकरेती को कुमाऊं रेंज का नया आईजी नियुक्त किया गया है। वहीं, ऋद्धिम अग्रवाल को कुमाऊं रेंज से स्थानांतरित कर आईजी कानून व्यवस्था का दायित्व सौंपा गया है। अब तक कानून व्यवस्था का कार्यभार संभाल रहीं विम्मी सचदेवा को पुलिस दूरसंचार एवं फायर सर्विस का प्रभार दिया गया है।
पुलिस दूरसंचार में कार्यरत कृष्ण कुमार वीके को आईजी यातायात एवं जीआरपी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डॉ. नीलेश आनंद भरणे से पीएसी और पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के सचिव पद का कार्यभार वापस लिया गया है।
अनंत शंकर ताकवाले को आईजी प्रशिक्षण के साथ-साथ सीआईडी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। दूसरी ओर सुनील कुमार मीणा से कानून व्यवस्था का दायित्व हटाकर उन्हें आईजी कार्मिक, पीएसी और पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
योगेंद्र सिंह रावत अब आईजी कुंभ मेला हरिद्वार के साथ-साथ एसडीआरएफ का भी नेतृत्व करेंगे। हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे बरिंदरजीत सिंह को पुलिस मुख्यालय और पुलिस आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देहरादून को मिला नया एसपी ट्रैफिक
राजधानी देहरादून की यातायात व्यवस्था की कमान अब जितेंद्र चौधरी संभालेंगे। उन्हें नया एसपी ट्रैफिक नियुक्त किया गया है।
अन्य प्रमुख तबादले
- लोकजीत सिंह को पुलिस मुख्यालय में एएसपी कानून व्यवस्था के पद पर तैनाती मिली है।
- आयुष अग्रवाल को एसएसपी कुंभ मेला के साथ-साथ 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के कमांडेंट का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- हरीश वर्मा को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार से हटाकर कमांडेंट आईआरबी प्रथम बनाया गया है।
- अमित श्रीवास्तव-प्रथम को एसपी सीआईडी सेक्टर देहरादून नियुक्त किया गया है।
- बीर सिंह को डिप्टी कमांडेंट आईआरबी प्रथम रामनगर भेजा गया है।
- विमल आचार्य को डिप्टी कमांडेंट पीएसी रुद्रपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- शांतनु पाराशर को एसडीआरएफ से स्थानांतरित कर एएसपी साइबर क्राइम बनाया गया है।
- अंकुश मिश्रा अब एएसपी इंटेलिजेंस मुख्यालय में अपनी सेवाएं देंगे।
इस व्यापक फेरबदल को पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने और विभिन्न इकाइयों में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

