सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सड़क दुर्घटना पीड़ित की उम्र निर्धारण के लिए आधार कार्ड को वैध दस्तावेज माना गया था। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि मृतक की उम्र का निर्धारण किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 94 के तहत किया जाना चाहिए। इसके अनुसार, उम्र के प्रमाण के रूप में स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र में दर्ज जन्म तिथि को ही स्वीकार किया जाना चाहिए।
उम्र निर्धारण के लिए आधार कार्ड वैध दस्तावेज नहीं- सुप्रीम कोर्ट
Related Posts
पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े रेट
ईंधन महंगा होने से बढ़ी आम जनता की चिंता नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने…
पश्चिम बंगाल और असम में खिला भाजपा का कमल, पुडुचेरी में NDA ने मारी बाजी
तमिलनाडु में विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका पांच राज्यों के नतीजों ने बदली सियासी तस्वीर नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति…

