6 लाख नकद और सोने की चेन बरामद

कोटद्वार। कोटद्वार में एक ज्वैलर्स कारोबारी से करीब आठ लाख रुपये की ठगी करने वाले राजस्थान के तीन शातिर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पहले असली सोने के आभूषण गिरवी रखकर भरोसा जीता और फिर नकली गहने देकर लाखों रुपये नकद और असली जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह लाख रुपये नकद और चार सोने की चेन बरामद की हैं, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।

कोटद्वार निवासी ज्वैलर्स व्यापारी विभाष अग्रवाल ने 19 जुलाई को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि रघुवीर नाम का एक व्यक्ति पहले कई बार उनके पास असली सोने की अंगूठी गिरवी रखकर पैसे लेता और समय पर लौटाकर अपना सामान वापस ले जाता था। इस तरह उसने व्यापारी का विश्वास जीत लिया।

शिकायत के अनुसार, 6 जुलाई को रघुवीर अपने एक साथी के साथ दोबारा दुकान पर पहुंचा और बेटी की शादी का हवाला देकर आर्थिक मदद मांगी। उसने कुछ सोने के पेंडल गिरवी रखकर उनके बदले तैयार आभूषण और आठ लाख रुपये नकद देने का अनुरोध किया। पहले से विश्वास होने के कारण व्यापारी ने उसे नकद रकम और आभूषण दे दिए। बाद में जांच कराने पर पता चला कि गिरवी रखे गए पेंडल नकली थे। इसके बाद आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला।

शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने करीब 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी बस के जरिए कोटद्वार आए थे और वारदात के बाद नजीबाबाद चले गए थे। लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के अलवर निवासी रघुवीर नायक, विक्रम भोपा और बलवीर नायक को कोटद्वार रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से छह लाख रुपये नकद और चार सोने की चेन बरामद की गई हैं। मामले में एक अन्य आरोपी नीरज की तलाश जारी है।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी राजस्थान की घुमंतू जाति से जुड़े हैं और सुनियोजित तरीके से अलग-अलग शहरों के ज्वैलर्स को निशाना बनाते थे। पहले वे असली सोने के आभूषण गिरवी रखकर कई बार समय पर पैसे लौटाते थे, जिससे व्यापारियों का भरोसा जीत लेते थे। इसके बाद सोने की परत चढ़े नकली गहने गिरवी रखकर उनके बदले असली सोने के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी कोटद्वार के अलावा कलालघाटी क्षेत्र के एक अन्य ज्वैलर को भी इसी तरीके से ठगी का शिकार बनाने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।