देहरादून। देहरादून की रायपुर विधानसभा सीट एक बार फिर हॉट सीट बनी हुई है। एक ओर तीन बार के विधायक उमेश शर्मा काऊ का मजबूत राजनीतिक आधार है, तो दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस सहित कई नेता अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा ने जिस सीट पर पिछले चुनाव में रिकॉर्ड जीत हासिल की थी, वहां अब कई नेता टिकट की दौड़ में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पार्टी एक बार फिर मौजूदा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर भरोसा जताती है या किसी नए चेहरे को मौका देती है।
भाजपा से कई दावेदार सक्रिय

भाजपा की ओर से कुलदीप सिंह बुटोला का नाम प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। वह पुराने भाजपाई और गढ़वाली क्षत्रिय नेता हैं तथा रायपुर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह वर्तमान में उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद से जुड़े दायित्व पर हैं और राज्य मंत्री स्तर का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
बुटोला वर्ष 1986 में भाजपा से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। वह जिला सहकारी बैंक देहरादून के अध्यक्ष, किसान मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष, भाजपा जिला मंत्री और सहकारिता प्रकोष्ठ में प्रदेश मंत्री जैसे दायित्वों पर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने टिहरी लोकसभा चुनाव में रायपुर विधानसभा संयोजक और रायपुर विधानसभा चुनाव में प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाली है।

वहीँ भाजपा के ही पूर्व अध्यक्ष मंडी समिति देहरादून राजेश शर्मा भी अपनी दावेदारी कर रहे हैं, यह 2007 में जनता पार्टी में शामिल हुए, 2008 में ग्राम प्रधान माजरी माफी बने, 2012 में मंडल महामंत्री रायपुर विधानसभा, 2015 में मंडल अध्यक्ष रायपुर विधानसभा, रहे. यह पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान में हरिद्वार सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के बेहद करीबी माने जाते हैं।

भाजपा के ही राजकुमार पुरोहित एडवोकेट भी रायपुर विधानसभा से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। बीकॉम-एलएलबी शिक्षित राजकुमार पुरोहित पूर्व में खनिज विकास परिषद/खनन से जुड़े दायित्व में राज्य मंत्री स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह बाल स्वयंसेवक और एबीवीपी कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय रहे हैं। भाजपा संगठन में उन्होंने मंडल युवा मोर्चा से लेकर विभिन्न चुनावों में प्रभारी सहित कई जिम्मेदारियां निभाई हैं।

रायपुर सीट से रणजीत सिंह भंडारी का नाम भी चर्चा में है। नेहरू कॉलोनी निवासी रणजीत सिंह भंडारी लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और बाद में भाजपा संगठन में भी विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से अन्य स्थानीय नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों के तौर पर चर्चा में हैं। ऐसे में टिकट को लेकर दोनों प्रमुख दलों के भीतर आने वाले दिनों में गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
कांग्रेस में भी कई चेहरे मैदान में

रायपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस की ओर से भी कई नेता अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। महेंद्र सिंह नेगी का नाम भी संभावित दावेदारों में सामने आ रहा है। रायपुर क्षेत्र से जुड़े महेंद्र सिंह नेगी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।
इसके अलावा विनीत प्रसाद भट्ट मूल निवासी केदारनाथ जनपद रुद्रप्रयाग उत्तराखंड वर्तमान निवासी विष्णु लोक कॉलोनी तपोवन रायपुर विधानसभा में अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। डीबीएस कॉलेज से स्नातक बी ए एलएलबी २००६ में एनएसयूआई की सदस्यता ग्रहण कर २००७ में डीबीएस कॉलेज देहरादून छात्र संघ चुनाव में महासचिव पद पर चुनाव लड़ा। डी ए वी कॉलेज में एनएसयूआई के कार्यकारी इकाई अध्यक्ष बने विभिन्न पदों में रहते हुए राहुल गांधी द्वारा उत्कृष्ट जिलाध्यक्ष का पुरस्कार मिला। उत्तराखंड युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव २०२२ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य युवा है, अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।
नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के दो बार के पार्षद अमित भंडारी ,दीपू भी इस बार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। अमित भंडारी दीपू को कांग्रेस की विचारधारा विरासत में मिली है आपकी स्वर्गीय माता श्रीमती नीलम भंडारी वर्ष १९९७ में इसी क्षेत्र से नगर पालिका सभासद रही। वहीं आपके स्वर्गीय पिताजी प्रेम मोहन भंडारी वर्ष १९८० से कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता एवं समाजसेवी रहे। इसी प्रेरणा से अमित भंडारी दीपू ने भी वर्ष १९९० में कांग्रेस के प्रचार प्रसार एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए निरंतर अपने क्षेत्र के विकास नागरिक सुविधाओं आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और विधानसभा में अपनी दावेदारी कर रहे हैं।
इसके अलावा कांग्रेस से एक और पुराने कांग्रेसी गुलशेर मियां निवासी राजीव नगर कंडोली सहस्त्रधारा रोड भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। 2012 में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष २०१६ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव 2021 में भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पद पर नियुक्त हुए। विधानसभा में इस बार यह भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
महिला दावेदार भी मजबूत कर रहीं दावेदारी

इस बार विधानसभा में महिलाएं भी अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है। जिसमें श्रीमती विनोद उनियाल वर्तमान में दायित्वधारी राज्यमंत्री उत्तराखंड सरकार में हैं, बाल्यकाल से ही सामाजिक जीवन में सक्रिय रही हैं ।आचार्य विनोबा भावे द्वारा चलाए गए भूदान आंदोलन में अनेकों गांव में जाकर भागीदारी के साथ यह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज उत्तरकाशी में छात्र संघ की अध्यक्षा रही है। उत्तराखंड राज्य प्राप्ति के लिए भाजपा के अभियानों के अतिरिक्त १९९४ के आंदोलन में भी बहुत सक्रिय रही। श्रीमती विनोद उनियाल विश्व संवाद केंद्र उत्तराखंड देहरादून की ट्रस्टी हैं तथा दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान की प्रादेशिक कार्यकारी अध्यक्षा हैं। वह श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज धर्मपूर देहरादून प्रबंधन समिति की सदस्य टिहरी स्मृति एवं विद्यापीठ एकता मंच की अध्यक्षा उत्तराखंड प्रेस क्लब देहरादून की एसोसिएट वर्तमान में वह ,गगरी मासिक पत्रिका की संपादक तथा भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड के प्रकाशन विभाग की प्रमुख व इसके मुखपत्र देवकमल की प्रबंध संपादक भी हैं। श्रीमती विनोद उनियाल ३५ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय हैं, २००३ में भाजपा प्रत्याशी के रूप में देहरादून नगर निगम के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ चुकी है। पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष सहित कई पदों पर कार्य के अलावा महिला मोर्चा में प्रदेश महामंत्री सहित कई पदों पर कार्य करने के साथ वह पार्टी के विभिन्न दायित्व जैसे जिला प्रभारी पुरोला और पछवादून सदस्य राज्य सक्रिय सदस्यता सत्यापन समिति सदस्य राज्य स्तरीय घोषणा पत्र समिति सदस्य राज्य अनुशासन समिति आदि का भी निर्वहन कर चुकी है।
चार बार की पार्षद पूर्व महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष पूर्व भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता कमली भट्ट भी इस समय अपनी दावेदारी कर रही है।
अब निगाहें टिकट पर
रायपुर विधानसभा में संभावित प्रत्याशियों की बढ़ती संख्या ने चुनावी मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। हालांकि अभी चुनाव में समय है और किसी भी दल ने आधिकारिक तौर पर प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं किए हैं।
अभी तो चुनावी बिगुल बज रहा है, भविष्य में देखिए कितने और दावेदार अपनी दावेदारी पेश करते हैं। बड़ा सवाल यही है कि क्या ये सभी दावेदार सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले विधायक उमेश शर्मा काऊ को चुनौती दे पाएंगे या पार्टी एक बार फिर उन्हीं पर भरोसा जताएगी?
आने वाले समय में रायपुर विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल दावेदारों की बढ़ती संख्या ने इस सीट को उत्तराखंड की चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल कर दिया है।

