12 दिनों तक आस्था, भक्ति और शिवभक्ति के रंग में रंगा रहा धर्मनगरी हरिद्वार का कांवड़ मेला मंगलवार को संपन्न हो गया। मेले के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हरकी पैड़ी से लेकर कनखल, ज्वालापुर, सप्तऋषि और आसपास के क्षेत्रों तक हर तरफ कांवड़िये ही नजर आए। पुलिस-प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे और गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

मेले के अंतिम दिन मंगलवार को भी 36 लाख 62 हजार कांवड़ियों ने गंगा से जल उठाया। इससे पहले सोमवार शाम छह बजे तक 4 करोड़ 43 लाख 78 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर रवाना हो चुके थे। अंतिम दिन की संख्या जुड़ने के बाद कुल आंकड़ा 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार तक पहुंच गया।

पूरे कांवड़ मेले के दौरान धर्मनगरी में बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु पैदल, डाक कांवड़ और विभिन्न वाहनों से हरिद्वार पहुंचे। भगवा रंग में रंगी सड़कों और घाटों पर हर तरफ शिवभक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी।

पिछले साल से बढ़ी कांवड़ियों की संख्या

इस बार कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले भी बढ़ी है। वर्ष 2025 में करीब 4 करोड़ 52 लाख 90 हजार शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे थे। इस साल यह संख्या बढ़कर 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार हो गई। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने भी मेले में कुल 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़ यात्रियों के पहुंचने की पुष्टि की है।

आस्था के सैलाब के बाद अब सफाई की चुनौती

कांवड़ मेला खत्म होने के साथ ही अब हरिद्वार प्रशासन के सामने शहर और मेला क्षेत्र को साफ करने की बड़ी चुनौती है। प्रशासन के अनुसार इस बार कांवड़ मेले के बाद करीब 7 हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलने का अनुमान है।

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से घाटों, सड़कों और मेला क्षेत्र में भारी मात्रा में कचरा जमा हुआ है। नगर निगम ने कांवड़ मेला समाप्त होते ही सफाई अभियान तेज कर दिया है।

नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, अकेले डाक कांवड़ के दो दिनों में करीब 1700 मीट्रिक टन कूड़ा पूरे शहर में फैला। शिवरात्रि की शाम आरती के बाद जैसे ही घाट खाली हुए, सफाई कर्मियों की बड़ी टीम को घाटों पर उतार दिया गया। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक घाटों की विशेष सफाई की गई, जबकि दिन के समय शहर के अलग-अलग वार्डों और गलियों में सफाई टीमें भेजी जाएंगी।

दो हजार टन से ज्यादा कपड़ों को किया जाएगा रिसाइकल

कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए कपड़ों को भी अलग से एकत्र किया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक करीब दो हजार मीट्रिक टन से अधिक कपड़े जमा हुए हैं, जिन्हें रिसाइकल कर कपास तैयार करने की योजना है।

सफाई के दौरान सूखा और गीला कूड़ा, प्लास्टिक तथा कपड़ों को अलग-अलग किया जा रहा है, ताकि उनका उचित निस्तारण और रिसाइक्लिंग की जा सके।

12 से 18 अगस्त तक चलेगा विशेष सफाई अभियान

कांवड़ मेले के बाद पूरे जिले में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों के साथ बैठक कर 12 से 18 अगस्त तक विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

अभियान के तहत नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

उन्होंने सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापार मंडलों, औद्योगिक इकाइयों, जनप्रतिनिधियों, संत समाज और आम लोगों से भी अभियान में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस तरह एक ओर जहां हरिद्वार में 4.80 करोड़ से अधिक शिवभक्तों की आस्था का विशाल मेला संपन्न हुआ, वहीं अब प्रशासन के सामने इस विशाल आयोजन के बाद शहर और मेला क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ बनाने की चुनौती है।